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सिलाई, कढ़ाई, बेकरी और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण से बदल रही महिला बंदियों की जिंदगी

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हल्द्वानी – उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अपने दो दिवसीय हल्द्वानी दौरे के दौरान उप जिला कारागार का निरीक्षण कर महिला बंदियों के लिए संचालित कौशल विकास, शिक्षा और पुनर्वास कार्यक्रमों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कारागार की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान कुसुम कंडवाल ने महिला बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कारागार परिसर का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों को बंदियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

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जेल प्रशासन ने महिला आयोग अध्यक्ष को बताया कि महिला बंदियों के सुधार और पुनर्वास के उद्देश्य से कारागार में विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। महिला बंदियों को आधुनिक मशीनों के माध्यम से सिलाई, बुनाई और कढ़ाई का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपनी आय भी अर्जित कर रही हैं।

कारागार में संचालित बेकरी इकाई का भी उन्होंने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि महिला बंदियों द्वारा तैयार किए गए बेकरी उत्पादों का विपणन कारागार प्रशासन के माध्यम से किया जाता है। इसके अलावा सिलाई कार्य में भी महिला बंदियां दक्षता के साथ कार्य कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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शिक्षा के क्षेत्र में भी जेल प्रशासन द्वारा विशेष पहल की गई है। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से महिला बंदियों को उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि रिहाई के बाद वे समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जुड़ सकें। हाल ही में महिला बंदियों के लिए ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कोर्स भी आयोजित किया गया, जिससे उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

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महिला आयोग अध्यक्ष ने कारागार की चिकित्सा सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास, शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण महिला बंदियों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा ऐसे प्रयास उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

निरीक्षण के दौरान उप जिला कारागार के अधीक्षक प्रमोद कुमार, डिप्टी जेलर रचित बोंठियाल, डिप्टी जेलर नीलम धामी, डॉ. पलक मित्तल, प्रतिभा जोशी, आधार वर्मा सहित कारागार प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।