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राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर प्रो. महालनोबिस को किया याद, डेटा की गुणवत्ता पर हुई चर्चा

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भीमताल – भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 29 जून को महान सांख्यिकीविद् प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में सोमवार को विकास भवन भीमताल स्थित जिला अर्थ एवं सांख्यिकी कार्यालय में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष का राष्ट्रीय विषय ‘Unlocking the Potential of Administrative Data’ रखा गया, जिसके अंतर्गत प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग एवं गुणवत्तापूर्ण डेटा संग्रहण पर विस्तार से चर्चा की गई।

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कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए अपर सांख्यिकीय अधिकारी कमल सिंह मेहरा ने प्रो. पी.सी. महालनोबिस के जीवन, सांख्यिकी विज्ञान तथा देश की आर्थिक योजना निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी नीति, योजना और विकास कार्यक्रम की सफलता विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों पर निर्भर करती है तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में सांख्यिकीय आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

परियोजना अर्थशास्त्री महेन्द्र सिंह जीना ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर एवं समयबद्ध डेटा उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों को अपनी आवश्यक सूचनाएं ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपलब्ध करानी चाहिए। इससे आंकड़ों का संकलन अधिक प्रभावी होगा तथा विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर बनेगा।

अपर सांख्यिकीय अधिकारी सुरेश लाल ने अपने संबोधन में सांख्यिकीय आंकड़ों की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और विकास योजनाओं में उनकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़े ही प्रभावी योजनाओं के निर्माण एवं उनके सफल क्रियान्वयन की आधारशिला होते हैं।

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गोष्ठी में अपर सांख्यिकीय अधिकारी भुवन चन्द्र, भरतमणि कनौजिया, सहायक सांख्यिकीय अधिकारी पंकज रावत, संजय त्रिपाठी, दिनेश सिंह पागती सहित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और गुणवत्तापूर्ण डेटा संग्रहण की आवश्यकता पर बल दिया।

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कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर उपयोग, तकनीकी नवाचार और डिजिटल माध्यमों के जरिए डेटा संग्रहण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी विचार-विमर्श किया। अंत में सभी ने विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकीय आंकड़ों के माध्यम से विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।