उत्तराखण्ड ज़रा हटके रुद्रपुर

डीजीपी को सौंपा ज्ञापन, कोटद्वार व रुद्रपुर की घटनाओं पर जताई चिंता….

ख़बर शेयर करें -

रुद्रपुर – विभिन्न सामाजिक व जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी रुद्रपुर के माध्यम से पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड सरकार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कोटद्वार और रुद्रपुर में कथित तौर पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, दहशत का माहौल बनाने तथा सामाजिक सद्भाव की आवाज उठाने वालों को धमकाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन देने से पूर्व आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में बीते कुछ समय से लगातार ऐसी गतिविधियां सामने आ रही हैं, जो समाज में नफरत, भय और विभाजन को बढ़ावा दे रही हैं। वक्ताओं का आरोप था कि कुछ संगठनों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर उनके व्यवसाय, पहनावे और पहचान को लेकर दबाव बनाया जा रहा है, जो संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: बागेश्वर में भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग….

वक्ताओं ने कोटद्वार की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक अल्पसंख्यक समुदाय के दुकानदार पर उसकी दुकान से “बाबा” शब्द हटाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर दीपक और विजय नामक व्यक्तियों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया, जबकि कुछ संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर उन्माद व दहशत फैलाने की कार्रवाई की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और जिन लोगों ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का प्रयास किया, उन्हीं पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए।

सभा में यह भी कहा गया कि “बाबा” शब्द किसी एक धर्म विशेष से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका प्रयोग विभिन्न समुदायों में होता रहा है। वक्ताओं ने रुद्रपुर में सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने वाले जिम संचालक मोहित चोपड़ा के जिम के बोर्ड पर कालिख पोतने और उन्हें डराने-धमकाने की घटना की भी निंदा की। इसके साथ ही सामाजिक मुद्दों पर लिखने वाले ‘अनसुनी आवाज/प्रेरणाशुं’ पत्रिका के पत्रकार रूपेश कुमार को सोशल मीडिया पर दी जा रही धमकियों को गंभीर चिंता का विषय बताया गया।

यह भी पढ़ें 👉  अधिक ब्याज का लालच, करोड़ों की ठगी—SSP मंजुनाथ टी.सी. ने बेनकाब किया महाघोटाला

ज्ञापन में मांग की गई कि

  1. दीपक और विजय पर दर्ज मुकदमों को निरस्त किया जाए।
  2. कोटद्वार में भीड़ के रूप में उन्माद फैलाने, राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने और सांप्रदायिक वैमनस्य बढ़ाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
  3. पत्रकार रूपेश कुमार को धमकी देने वाले अराजक तत्वों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड : रेत से भरे डंपर ने बाइक सवार को कुचला,गुस्साई भीड़ ने डंपर में आग लगा दी..

ज्ञापन देने वालों में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रविंद्र कौर, इंकलाबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट, सीएसटीयू के विजय कुमार, भाकपा (माले) के ललित मटियाली, ईदगाह बचाओ संघर्ष समिति के मजहर रिजवी, सीएनजी टेंपो यूनियन के सुब्रत विश्वास, मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मास) के दिनेश चंद्र, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश काकोरी शहीद यादगार कमेटी के शक्ति सरकार, निकाय कर्मचारी महासंघ के पूर्व सदस्य एन.बी. शर्मा, इंट्रार्क मजदूर संगठन के वीर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।