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किच्छा को मिल सकता है आयुर्वेद का राष्ट्रीय संस्थान, सांसद अजय भट्ट ने रखा प्रस्ताव

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नई दिल्ली/हल्द्वानी – नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने उत्तराखंड के किच्छा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के चिकित्सालय एवं शोध संस्थान की स्थापना की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव गणपत राव जाधव से मुलाकात कर विस्तृत प्रस्ताव सौंपते हुए शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया।

सांसद अजय भट्ट ने अपने प्रस्ताव में कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों, हिमालयी औषधीय वनस्पतियों और आयुर्वेदिक विरासत के कारण देश का एक महत्वपूर्ण राज्य है। देवभूमि के रूप में प्रसिद्ध उत्तराखंड सदियों से दुर्लभ जड़ी-बूटियों और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का केंद्र रहा है। उन्होंने रामायण में वर्णित संजीवनी बूटी का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्र की औषधीय समृद्धि उत्तराखंड की ऐतिहासिक पहचान रही है।

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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आयुष चिकित्सा पद्धति के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक विस्तार की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। ऐसे में उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल साबित होगी।

सांसद ने बताया कि ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में एम्स सैटलाइट सेंटर परिसर के निकट लगभग 40 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिसे उत्तराखंड सरकार संस्थान की स्थापना के लिए उपलब्ध कराने को तैयार है। यह स्थान उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए भी आसानी से सुलभ रहेगा।

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अजय भट्ट ने कहा कि किच्छा में एआईआईए की स्थापना से उच्च स्तरीय आयुर्वेद चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा, औषधीय पौधों पर अनुसंधान को नई गति मिलेगी, आयुष शिक्षा एवं चिकित्सा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही उत्तराखंड की समृद्ध औषधीय विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

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उन्होंने केंद्रीय आयुष मंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, औषधीय संपदा और जनहित को ध्यान में रखते हुए किच्छा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के चिकित्सालय एवं शोध संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाए।