देहरादून – कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा की अध्यक्षता में जलागम विभाग के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों और प्रदेश की प्राकृतिक जलधाराओं, स्रोतों एवं नदियों के संरक्षण, उपचार एवं पुनर्जीवीकरण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से गौला एवं लधिया नदी समेत प्रदेश की अन्य नदियों के कैचमेंट क्षेत्रों के वैज्ञानिक उपचार और पुनर्जीवीकरण के लिए तैयार की जा रही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की प्रगति की समीक्षा की गई।
मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि नदियों और प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण भविष्य की जल सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए सर्वेक्षण, तकनीकी अध्ययन और उपचार कार्यों में अपेक्षित तेजी लाई जाए।
गौला-लधिया के कैचमेंट का होगा वैज्ञानिक उपचार
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि विभाग के अंतर्गत गठित स्प्रिंग एंड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण (SARRA) के माध्यम से प्रदेश तथा नैनीताल जिले में गौला और लधिया नदियों के कैचमेंट क्षेत्रों का वैज्ञानिक उपचार एवं नदी पुनर्जीवीकरण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

नदियों के संपूर्ण कैचमेंट क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण कराया जा रहा है। सर्वेक्षण के बाद प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान GBPNIHE के माध्यम से तकनीकी अध्ययन और रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए चरणबद्ध डीपीआर तैयार की जाएगी।
19 सूक्ष्म जलागम क्षेत्रों में चल रहा सर्वेक्षण
बैठक में बताया गया कि गौला और लधिया नदी क्षेत्र के 19 सूक्ष्म जलागम क्षेत्रों में कार्य प्रस्तावित हैं, जिनके अंतर्गत करीब 475 ग्राम पंचायतें आती हैं। क्षेत्र की व्यापकता और विभागीय संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण सर्वेक्षण में अपेक्षाकृत अधिक समय लग रहा है। हालांकि उपलब्ध संसाधनों के समन्वित उपयोग से चयनित सूक्ष्म जलागम क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जा चुका है।
मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों को सर्वेक्षण और आगे की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा चयन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर
बैठक में जलागम विभाग की योजनाओं के तहत आयोजित क्षमता विकास कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण सामग्री के लिए जूट या कपड़े से बने इको-फ्रेंडली बैग का ही इस्तेमाल किया जाए। बैग पर संबंधित परियोजना एवं विभाग का लोगो अंकित करने के निर्देश भी दिए गए।
जलागम विभाग के कार्यों का हो व्यापक प्रचार-प्रसार
मंत्री कैड़ा ने विभिन्न जिलों में जलागम विभाग द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों और उपलब्धियों को व्यापक स्तर पर जनता तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। उन्होंने विभागीय योजनाओं और उनके लाभों की प्रभावी जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही विश्व बैंक पोषित UCRRFP परियोजना के तहत लंबित आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूरी करने तथा प्रदेश और नैनीताल जिले की संबंधित ग्राम पंचायतों में द्वितीय चरण की अभिमुखीकरण कार्यशालाएं आयोजित करने को कहा गया।
परियोजना के तहत चयनित सीमांत एवं कमजोर वर्ग के लोगों तथा समूहों को आय-अर्जक गतिविधियों के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों से सभी निर्देशों का निर्धारित समयसीमा में अनुपालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। सचिव जलागम दलीप जवारकर ने संबंधित अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में जलागम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

