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फायर सीजन से पहले अलर्ट मोड में जिला प्रशासन….

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रूद्रपुर – संभावित वनाग्नि सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन सभागार में 18 फरवरी 2026 को प्रस्तावित फॉरेस्ट फायर मॉक अभ्यास की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि काल से पूर्व सभी वन प्रभागों में उपलब्ध संसाधनों, उनकी उपयोगिता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, अंतर्विभागीय समन्वय तथा सामुदायिक सहभागिता का आकलन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉक अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र को परखना और उसे और अधिक सुदृढ़ बनाना है। इससे उपकरणों और संसाधनों का परीक्षण भी प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

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डीएम ने निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सक्रियता और सजगता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने डीएफओ और उप जिलाधिकारियों को परगना स्तर पर भी मॉक अभ्यास आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी सुनिश्चित की जा सके। जिला पंचायतराज अधिकारी को वनों से सटे गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाने और स्थानीय स्तर पर टीमें तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए।

प्रभागीय वनाधिकारी यूसी तिवारी ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष वनाग्नि की संभावनाएं अधिक हैं। 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन घोषित रहता है, ऐसे में सभी विभागों को सतर्क और सक्रिय रहना होगा। उन्होंने जानकारी दी कि 18 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे संजय वन में वनाग्नि नियंत्रण मॉक अभ्यास आयोजित किया जाएगा और सभी संबंधित विभागों से इसमें सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा की गई है।

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बैठक में उप जिलाधिकारी एवं ओसी आपदा गौरव पाण्डेय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, पुलिस निरीक्षक अर्जुन सिंह, रवि रावत, अग्नि सुरक्षा अधिकारी चंदन, फायरमैन प्रमोद कुमार, लोनिवि के सहायक अभियंता भुवन भास्कर पाण्डे, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

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