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सीएम धामी बोले ‘जनता से संवाद ही सुशासन की आत्मा’, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश….

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देहरादून – उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के उत्सवों के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब जनसंवाद की गति को और तेज कर दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेशभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं पर त्वरित और संतोषजनक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता से प्राप्त शिकायतों और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई के साथ-साथ नियमित फीडबैक सिस्टम को भी मजबूत किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह अवसर केवल शिकायत सुनने का नहीं बल्कि प्रशासन को जनता के और करीब लाने का माध्यम है। हर अधिकारी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जन समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संतोषजनक निस्तारण करना है। इसके लिए प्रत्येक विभाग को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप सक्रिय और संवेदनशील व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा तकनीकी माध्यमों से सुलभ बनाया जाए ताकि आम जनता आसानी से अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचा सके।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य की रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जनभागीदारी और संवाद का अवसर है। इस दौरान जनता से प्राप्त सुझावों, समस्याओं और अपेक्षाओं को नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे और शीघ्रता से जनता तक पहुंचे।

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मुख्यमंत्री धामी ने जनता से भी राज्यहित में रचनात्मक सुझाव देने और विकास के प्रयासों में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति तभी संभव है जब जनता और प्रशासन मिलकर काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्रत्येक नीति और निर्णय का मूल उद्देश्य जनता का हित और प्रदेश का समग्र विकास है।

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मुख्यमंत्री ने कहा, “जनता से संवाद ही सुशासन की आत्मा है। शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ होना चाहिए। हमारी सरकार का मंत्र है — सेवा, समर्पण और संवेदना। जनता की संतुष्टि ही हमारे कार्यों का सबसे बड़ा प्रमाण है।” कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर से आए नागरिकों ने विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत कीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।