उत्तराखण्ड ज़रा हटके हल्द्वानी

केंद्र ने राज्यों पर डाला वित्तीय बोझ, मनरेगा होगा कमजोर कांग्रेस….

ख़बर शेयर करें -

हल्द्वानी – कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में बदलाव करना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों, संघर्ष और योगदान का सीधा अपमान है। हल्द्वानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि मनरेगा देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण वर्ग के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि जीवनरेखा रही है और इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करना पूरी तरह जनविरोधी कदम है।

सुमित हृदयेश ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा मनरेगा के तहत रोजगार के दिनों को 100 से घटाकर 60 करने की है, जो गरीबों के कानूनी अधिकारों पर सीधा हमला है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी, भुखमरी और आर्थिक असुरक्षा और अधिक बढ़ेगी।

यह भी पढ़ें 👉  नाबालिगों को वाहन देना पड़ा भारी, पुलिस ने वाहन मालिकों पर दर्ज किए मुकदमे

उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के कार्यों की संस्तुति ग्राम प्रधान और ग्राम सभा के माध्यम से होती थी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार रोजगार मिलता था। लेकिन अब केंद्र सरकार इस व्यवस्था को समाप्त कर मनरेगा को दिल्ली से नियंत्रित करने की योजना बना रही है। इससे न केवल पंचायती राज व्यवस्था कमजोर होगी, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता पर भी गहरा आघात पहुंचेगा।

कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि यह बदलाव वास्तव में पहाड़ों को खाली कराने की साजिश है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य पलायन रोकना था, लेकिन मौजूदा नीतियां पलायन को और तेज़ करने वाली साबित हो रही हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड विकास, सुशासन और नवाचार का मॉडल राज्य बनकर उभरा : मुख्यमंत्री धामी

सुमित हृदयेश ने यह भी कहा कि मनरेगा में केंद्र और राज्य के अंशदान के अनुपात को 90:10 से बदलकर 60:40 करना राज्यों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालने जैसा है। इससे राज्य सरकारों के लिए योजना को प्रभावी ढंग से लागू करना कठिन हो जाएगा और इसका सीधा नुकसान गरीब जनता को उठाना पड़ेगा।

प्रेस वार्ता में उन्होंने भाजपा को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस मनरेगा सहित जनहित से जुड़े हर मुद्दे पर तथ्यों और सच्चाई के साथ चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने हल्द्वानी प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में अनावश्यक रूप से लगाए जा रहे लाल निशान आम नागरिकों में भय का वातावरण पैदा कर रहे हैं। यह कार्रवाई जनहित से अधिक बजट खर्च करने की मानसिकता को दर्शाती है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में धान खेती की नई तकनीक पर जोर, सीधी बुवाई का होगा परीक्षण

प्रेस वार्ता के माध्यम से सुमित हृदयेश ने आम जनता से अपील की कि वे अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करें और जनविरोधी नीतियों का डटकर विरोध करें।

इस अवसर पर महानगर कांग्रेस कमेटी हल्द्वानी के अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, महानगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष मधु सांगुड़ी, शोभा बिष्ट, हेमंत बगड़वाल, एन.बी. गुणवंत, हरीश मेहता, सुहैल अहमद सिद्दीकी, जाकिर हुसैन सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।