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व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, सुरक्षा और हितों की रक्षा को सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री धामी

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हल्द्वानी – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राज्य सरकार व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान तथा हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानते हुए सरकार उनके लिए भयमुक्त, सुरक्षित और पारदर्शी व्यावसायिक वातावरण तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को हल्द्वानी में आयोजित उत्तराखंड प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और व्यापारियों के हित में आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदेश की आर्थिक शक्ति मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक प्रत्येक व्यापारी राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे रहा है। कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई थी।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि व्यापारियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो और शासन-प्रशासन के साथ निरंतर संवाद बना रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल लेन-देन, व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार भी व्यापार को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने के लिए काम कर रही है।

26 विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। इसके तहत 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था, उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड के माध्यम से उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर विकसित किए जा रहे हैं। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिह्नित की गई है। सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि पलायन पर अंकुश लगाया जा सके।

व्यापारियों के हित में आठ घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन में व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करना प्रमुख है। व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और बेहतर संवाद के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी।

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उन्होंने जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात कही, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें। पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाने और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने की घोषणा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होम स्टे सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकेंगे। चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग विकसित की जाएगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों तथा नालियों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।

आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में व्यापारियों से सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के व्यापारी केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित करें।

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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को आध्यात्मिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति का केंद्र बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। युवाओं को रोजगार, उद्यमियों को अवसर और व्यापारियों को सुरक्षित व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके सहयोग से विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा।

व्यापार मंडल की स्मारिका का विमोचन, प्रतिनिधियों का सम्मान

सम्मेलन के दौरान प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ ही व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत एवं सरिता आर्या, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के राज्य अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष विष्णु शर्मा, सचिव बिट्टू पालीवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, मोहन पाठक, भावना मेहरा, शोएब अहमद, डॉ. यूनुस चौधरी, शांति मेहरा, रेणु अधिकारी, भुवन पाठक, हुकुम सिंह कुंवर, देवेंद्र ढेला, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, राजेंद्र बिष्ट, जेड वारसी, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय और अपर जिलाधिकारी विवेक राय सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।