नैनीताल – नंदा-सुनंदा महोत्सव के दौरान नैनीताल पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के दो सराहनीय मामले सामने आए। पुलिस कंट्रोल रूम की त्वरित कार्रवाई से जहां मेले में अकेली मिली पांच वर्षीय बच्ची को सकुशल उसके परिजनों से मिलाया गया, वहीं श्रद्धालु को मिला कीपैड मोबाइल फोन भी उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया गया।
रोती मिली पांच वर्षीय बच्ची को दादा के सुपुर्द किया
मेले के दौरान सूरज कुमार को पांच वर्षीय बच्ची अकेली और रोती हुई मिली। उन्होंने बच्ची को सुरक्षित पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम से अपर उपनिरीक्षक पुलिस दूरसंचार किरण गोस्वामी और महिला कांस्टेबल नीतू चंदोला ने तत्काल बच्ची के संबंध में अनाउंसमेंट कराया।
अनाउंसमेंट सुनकर बच्ची के दादा, निवासी नैनीताल, पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। पुलिस टीम ने बच्ची से आवश्यक जानकारी लेने के साथ आधार कार्ड के माध्यम से उसकी पहचान और सत्यापन किया। इसके बाद बच्ची को सकुशल उसके दादा के सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस ने परिजनों को सलाह दी कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों का विशेष ध्यान रखें, उनका हाथ पकड़कर रखें और उन्हें अकेला न छोड़ें। बच्ची के सकुशल मिलने पर परिजनों ने नैनीताल पुलिस की तत्परता और सहयोग के लिए आभार जताया।
मेले में मिला मोबाइल भी मालिक तक पहुंचाया
एक श्रद्धालु को मेले के दौरान मिला Itel कंपनी का कीपैड मोबाइल फोन उसने ईमानदारी का परिचय देते हुए पुलिस कंट्रोल रूम में जमा करा दिया। पुलिस कंट्रोल रूम से अपर उपनिरीक्षक पुलिस दूरसंचार किरण गोस्वामी ने मोबाइल फोन के संबंध में भी तत्काल अनाउंसमेंट कराया।
अनाउंसमेंट सुनकर मोबाइल फोन के स्वामी ओमप्रकाश कांडपाल, निवासी नैनीताल, पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ और आधार कार्ड के माध्यम से पहचान व सत्यापन के बाद मोबाइल फोन उन्हें सकुशल सौंप दिया।
मोबाइल वापस मिलने पर ओमप्रकाश कांडपाल ने नैनीताल पुलिस का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। इन दोनों मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बच्ची अपने परिवार तक पहुंची और एक श्रद्धालु को उसका खोया हुआ मोबाइल वापस मिल सका।

