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ज्योलिकोट में जल जनित रोगों पर निगरानी बढ़ी, सचल चिकित्सा वाहन से मिलेगी सुविधा

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नैनीताल – ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में जल जनित रोगों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और स्वास्थ्य सेवाएं तेज कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य परीक्षण, घर-घर सर्वे और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

गुरुवार को स्वास्थ्य टीमों ने क्षेत्र में 105 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और 72 ब्लड सैंपल लिए। इसके अलावा विभिन्न स्थानों से पानी के सात सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। जरूरत के अनुसार लोगों को दवाएं, ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां वितरित की गईं। स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को जल जनित रोगों से बचाव और स्वच्छता को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी।

घर के पास मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा, सचल वाहन तैनात

स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर सचल चिकित्सा वाहन तैनात किया गया है। वाहन के माध्यम से लोगों को घर के नजदीक स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक जांच, दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट की ओपीडी पर्ची निःशुल्क कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उपचार में देरी न करें।

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पीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी

ज्योलिकोट क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पतालों के सहयोग से पीएचसी ज्योलिकोट में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी भी कराई जा रही है।

10 सितंबर को नीलकंठ हॉस्पिटल से डॉ. मेघा रखोलिया और डॉ. सलीम ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। वहीं 11 सितंबर को बृजलाल हॉस्पिटल हल्द्वानी की गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. श्रेया नेगी और साईं हॉस्पिटल हल्द्वानी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन सती ओपीडी सेवाएं देंगे।

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इसके अलावा गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट और भल्यूटी-चोपड़ा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में कुल 380 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही जल जनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

सीएमओ ने प्रभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता से स्थिति पर नजर रख रहा है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने स्वास्थ्य टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक दवाओं का वितरण लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।

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आयुष्मान अस्पताल में दिक्कत हो तो सीधे सीएमओ से करें संपर्क

सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से कहा कि आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर वे सीधे सीएमओ से संपर्क कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

पानी उबालकर पीने की अपील

सीएमओ ने लोगों से जल जनित रोगों से बचाव के लिए पानी को अच्छी तरह उबालकर पीने, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सावधानियों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य टीम से संपर्क किया जाए।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, सैंपलिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।