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जलजनित बीमारी पर कैड़ा सख्त, बोले-स्वच्छ पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही नहीं

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हल्द्वानी – शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन तथा जलागम प्रबंधन मंत्री रामसिंह कैड़ा ने गुरुवार को ज्योलीकोट क्षेत्र का भ्रमण कर जलजनित बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने बीमारी के कारण अपने परिजनों को खोने वाले पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिन परिवारों में जलजनित बीमारी के कारण जनहानि हुई है, उन्हें नियमानुसार दैवीय आपदा मद से उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।

मंत्री कैड़ा ने ज्योलीकोट क्षेत्र के गेठिया, छिड़ा एवं सड़ियाताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवारों से उनकी समस्याओं और क्षेत्र की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट का स्थलीय निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।

भविष्य में घटना की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश

मंत्री रामसिंह कैड़ा ने कहा कि जलजनित बीमारी जैसी घटनाओं की भविष्य में पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और जल संस्थान के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा।

उन्होंने क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पेयजल व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।

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टीबी मुक्त भारत मिशन के तहत ‘जोश टीम’ का शुभारंभ

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में मंत्री कैड़ा ने टीबी मुक्त भारत मिशन के अंतर्गत ‘जोश टीम’ का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि यह टीम गांव-गांव जाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करेगी। अभियान के माध्यम से टीबी से जुड़े भ्रम और भ्रांतियों को दूर करने के साथ ही मरीजों को पूरा उपचार लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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मंत्री ने बताया कि विकासखंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गांव स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सके।

भीमताल की 33 ग्राम सभाएं टीबी मुक्त घोषित

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि भीमताल विकासखंड की कुल 33 ग्राम सभाओं को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों, समय पर जांच, उपचार और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि टीबी उन्मूलन अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता और जांच गतिविधियों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। ‘जोश टीम’ के माध्यम से भी लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच और उपचार के प्रति जागरूक किया जाएगा।

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अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत समेत जल संस्थान, जल निगम और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्र के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्रामीणों ने भी मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।

मंत्री ने अधिकारियों से क्षेत्र की पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इस दिशा में विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।