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पुष्कर सोसायटी ने जगाई महिला आत्मनिर्भरता की उम्मीद, 200 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण

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रामनगर – हुनर और मेहनत के दम पर महिलाएं किस तरह आत्मनिर्भरता की राह तैयार कर सकती हैं, इसकी मिसाल रामनगर की पुष्कर सोसायटी पेश कर रही है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, उनके हुनर को बाजार उपलब्ध कराने और स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के उद्देश्य से संस्था लगातार प्रयास कर रही है। संस्था की अध्यक्ष पूनम गुप्ता और आशीष गुप्ता के नेतृत्व में महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से व्यापक ग्राहक वर्ग से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

वर्ष 2023 में महज सात सदस्यों के साथ पंजीकृत हुई पुष्कर सोसायटी अब तक 200 से अधिक महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों का प्रशिक्षण दे चुकी है। संस्था का प्रयास रहा है कि महिलाएं अपने हुनर को रोजगार में बदलें और छोटे स्तर से ही सही, लेकिन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

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अचार से ऐपण तक, हुनर की लंबी फेहरिस्त

सोसायटी से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक कला से लेकर आधुनिक उत्पाद तैयार करने तक कई क्षेत्रों में दक्ष हो चुकी हैं। इनमें अचार-मुरब्बे, चटनी-पापड़, हैंडबैग, कॉटन डॉल्स, क्रोशिया, खिलौने, मंडला आर्ट, ऐपण पेंटिंग, साबुन एवं कैंडल मेकिंग, रेजिन आर्ट, कैनवास पेंटिंग और फ्लावर मेकिंग शामिल हैं।

इसके अलावा महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, मेहंदी, पार्लर और बुनाई जैसे कार्यों में भी प्रशिक्षण लेकर अपनी आजीविका के अवसर तैयार कर रही हैं। इससे न केवल उनके कौशल को नई पहचान मिल रही है, बल्कि घर की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

सरस मेले से जगी बाजार की उम्मीद

सोसायटी की अध्यक्ष पूनम गुप्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों से संस्था से जुड़ी महिलाओं में भी नई उम्मीद जगी है। रामनगर में पहली बार आयोजित सरस मेले को वह स्थानीय महिला उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने और बाजार तलाशने का महत्वपूर्ण अवसर मानती हैं।

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हालांकि, संस्था को अभी तक सरकारी स्तर पर किसी विशेष सहायता का लाभ नहीं मिला है। इसके बावजूद सोसायटी को उम्मीद है कि भविष्य में आत्मनिर्भर उत्तराखंड और महिला सशक्तिकरण की मुहिम से जुड़कर ऐसी संस्थाओं और एनजीओ से जुड़ी महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होंगे।

निःशुल्क स्टॉल और समय पर सूचना की मांग

पुष्कर सोसायटी की ओर से सरकार से अपेक्षा की गई है कि भविष्य में सरस मेले और अन्य सरकारी आयोजनों में सोसायटी तथा एनजीओ से जुड़ी महिला उद्यमियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने के लिए मंच और आयोजनों की पूर्व सूचना दी जाए।

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संस्था का कहना है कि यदि आयोजनों की जानकारी समय रहते मिल जाए तो महिलाएं अपने उत्पादों की तैयारी पहले से कर सकती हैं और बेहतर तरीके से बाजार में उतर सकती हैं। इससे स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के साथ महिलाओं को नए बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

पुष्कर सोसायटी की पहल यह संदेश देती है कि स्थानीय हुनर को सही बाजार और अवसर मिल जाए तो महिलाएं केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं कर सकतीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।