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क्या चंद आपराधिक प्रवर्ति के वन गुर्जरों की वजह से हो रहा पुरे गुर्जर समुदाय के अधिकारों का हनन…..

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क्या चंद आपराधिक प्रवर्ति के वन गुर्जर ही बन रहे है पूरे गुर्जर समुदाय का कैंसर….

रामनगर-  रामनगर में  गुर्जर एक परम्परागत वनवासियों का एक ऐसा समुदाय हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी जंगलों में रहकर पशुपालन कर दूध उत्पादन का कारोबार करते आ रहा हैं। लेकिन बदलते वक्त के साथ कुछ वन गुर्जर अपराधी बन गए है। अवैध गतिविधियों में लिप्त हो गए और वन गुर्जरो को मिले अधिकारों का हनन कर अब कुछ वन गुर्जर समुदाय के लोग ही पीढ़ी दर पीढ़ी मिले अधिकारों के दुश्मन बन बैठे हैं।

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लगातार जंगलों के पेड़ पौधों नष्ट कर वन भूमि पर अतिक्रमण कर चुके है अनेको गम्भीर मुकदमे भी उनपर दर्ज हैं।कुछ वन गुर्जर तराई पष्चिमी डिवीजन रामनगर वन विभाग की दो दो रेंजों में अवैध अतिक्रमण कर कई हेक्टयर वन भूमि पर कुण्डली मार कर बैठे हैं। ये चंद वन गुर्जर पूरे गुर्जर समाज के लिए कैंसर बनते नजर आ रहे हैं। वन विभाग उनके ऊपर कार्यवाही की बड़ी रणनीति बना रहा हैं।

 

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इसी क्रम में मो० सफी निवासी तुमड़िया खत्ता ने पेड़ पौधे नष्ट कर नया अतिक्रमण कर सोलर करंट की तार लगाई थी जिसको वन विभाग ने उखाड़ कर जफ्त कर लिया है। मो० सफी के ऊपर गम्भीर अपराधों में मुकदमे दर्ज है जिसके चलते 2015 से आज तक पशुओं की चराई भी जमा नही हुई है। अब जल्द ही ऐसे आपराधिक प्रवर्ति के वन गुर्जरो पर वन विभाग नकेल कसने की रणनीति में जुट गया हैं।