उत्तराखण्ड काशीपुर क्राइम

पिता के ऊपर जानलेवा हमला कर कटी उंगलियां और प्राइवेट पार्ट पुलिस ने किया पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज….

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कलयुगी पुत्र ने किया पिता के ऊपर जानलेवा हमला, कटी पिता की उंगलिया और प्राइवेट पार्ट…..

काशीपुर- काशीपुर में बीते एक माह पूर्व एक कलयुगी पुत्र के द्वारा अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपने पिता पर जानलेवा हमला करते हुए हाथों की उंगलियां और प्राइवेट पार्ट काटने के मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस ने कलयुगी पुत्र और उसके दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। दरअसल काशीपुर के कचनाल गाजी कुमाऊं कॉलोनी के रहने वाले किशन बहादुर पुत्र स्व. दिलबहादुर ने पुलिस को तहरीर के माध्यम से बताया कि बीते 26 दिसम्बर की शाम को उनके पुत्र अर्पित थापा और उसके दोस्तों ने लकड़ी काटने वाली पाटल से मारने की नियत से उनके ऊपर हमला कर दिया और इतना ही नहीं उनके बाएं हाथ की उँगलियां काट दी तो वहीं उनके प्राईवेट पार्ट को भी काट दिया।

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उन्होंने आगे बताया कि पूरे मामले में उनके पुत्र अर्पित सहित चार लड़के थे उनमें से तीन को वह पहचानते हैं जोकि रोहित वर्मा पुत्र मदन वर्मा निवासी कुमाऊँ कालौनी रम्पुरा काशीपुर और राहुल सैनी पुत्र सतपाल सैनी, ग्राम कचनालाजी काशीपुर और इनके साथ एक और लड़का था। जो वह पहचान नहीं सके और इन लोगों ने इस दौरान मुंह को हाथ से दबा रखा था और पैर पकड़कर रखे थे जिससे कि वह चिल्ला न सके और वार करने के बाद चले गये और बेहोशी में उन्हें पता नहीं चला कि वह कहां हैं। जब उनके भाई को पता चला तो वो मुझे अस्पताल ले गये जब वह अस्पताल में भर्ती थे तो उनके पुत्र अर्पित ने उनके भतीजे विशाल थापा को फोन कर उनके भाई और भतीजे विशाल को जान से मारने की धमकी देते हुए फोन काट दिया।

 

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पूरे मामले पर काशीपुर के पुलिस अधीक्षक अभय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पीड़ित के द्वारा तत्काल सूचना नहीं दी गई बल्कि घटना के काफी दिन बाद सूचना दी गई जिसके बाद उनके द्वारा प्रतापपुर पुलिस चौकी इंचार्ज से जांच कराए जाने के बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित का पुत्र अर्पित थापा सेना में है और वह इनसे अलग रहते हैं और किसी बात को लेकर इनका आपस में मनमुटाव रहता था और  अर्पित किसी बात को लेकर उन पर संदेह करता था। उनके मुताबिक मामले में चिकित्सकों के बयान दर्ज किए जाने के बाद और अन्य जांच पूरी करने के बाद में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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