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हाथों का हुनर बना कमाई का जरिया, मालाएं बनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं प्रीति सैनी

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हल्द्वानी – हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर महिलाएं किस तरह आत्मनिर्भरता की नई राह बना सकती हैं, इसकी मिसाल हल्द्वानी के बच्चीनगर की प्रीति सैनी पेश कर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को मजबूती देते हुए प्रीति घर बैठे हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनके हाथों से तैयार खूबसूरत मालाएं त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के लिए लोगों को आकर्षित कर रही हैं।

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प्रीति सैनी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करती हैं। इन दिनों दीपावली के त्योहार को देखते हुए वह ऊन से आकर्षक और खूबसूरत मालाएं बना रही हैं। त्योहारों के दौरान इन मालाओं की अच्छी मांग रहती है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।

घर के फूलों से भी तैयार करती हैं आकर्षक मालाएं

प्रीति की रचनात्मकता केवल ऊन से बनी मालाओं तक सीमित नहीं है। वह अपने घर में उगाए गए गेंदे के फूलों से भी सुंदर मालाएं तैयार करती हैं। नवरात्रि, दीपावली और अन्य धार्मिक एवं मांगलिक अवसरों पर इन मालाओं की मांग रहती है। घर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर वह अपनी मेहनत को आमदनी का जरिया बना रही हैं।

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छोटे प्रयास से आत्मनिर्भरता की बड़ी मिसाल

प्रीति सैनी का प्रयास बताता है कि हुनर और मेहनत के बल पर घर से ही स्वरोजगार की शुरुआत की जा सकती है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कौशल को भी नई पहचान दे रही हैं।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रयास कर रही है। प्रीति सैनी जैसी महिलाएं अपने हुनर और लगन से इस अभियान को धरातल पर मजबूती दे रही हैं। उनकी पहल अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा है कि वे अपनी प्रतिभा को रोजगार का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएं।