उत्तराखण्ड काशीपुर

उत्तराखंड के राइस मिलर्स की 7 प्रमुख मांगें, खाद्य मंत्री से जल्द समाधान की अपील…

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मंडी शुल्क से लेकर लंबित भुगतान और CMR चावल की उतराई तक की समस्याओं को लेकर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने उठाई आवाज

बाजपुर। उत्तराखंड प्रदेश राइस मिल्स एसोसिएशन ने प्रदेश के राइस मिलर्स की विभिन्न लंबित समस्याओं और प्रमुख मांगों के समाधान को लेकर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री को पत्र भेजा है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान गर्ग ने पत्र में राइस मिलर्स के सामने आ रही आर्थिक एवं विभागीय समस्याओं का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। 

पत्र में मंडी शुल्क को 2.5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किए जाने के निर्णय की अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग की गई है। एसोसिएशन के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में 2 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति के बाद 0.5 प्रतिशत का आर्थिक भार मिलर्स पर पड़ रहा है। 

FCI और स्टेट पूल का करीब ₹500 करोड़ भुगतान लंबित

एसोसिएशन ने वर्ष 2019 से 2025 तक राइस मिलर्स से संबंधित FCI एवं राज्य स्तर पर लगभग ₹500 करोड़ के विभिन्न भुगतानों के लंबित होने का उल्लेख करते हुए इनके शीघ्र निस्तारण की मांग की है। 

3.75 लाख क्विंटल CMR चावल की उतराई बाकी

पत्र के मुताबिक वर्ष 2025-26 का करीब 3.75 लाख क्विंटल CMR चावल अभी उतराई के लिए शेष है। एसोसिएशन ने उतराई अवधि बढ़ाने, पर्याप्त भंडारण स्थान उपलब्ध कराने और मिलर्स को स्पष्ट रूप से उतराई स्थल आवंटित करने की मांग की है। साथ ही भविष्य के लिए नए सरकारी भंडारण केंद्र विकसित करने की कार्ययोजना बनाने का अनुरोध किया गया है। 

बैंक गारंटी की सीमा पर पुनर्विचार की मांग

एसोसिएशन ने धान के मूल्य के अनुरूप वर्तमान बैंक गारंटी व्यवस्था को मिलर्स पर अत्यधिक आर्थिक भार बताते हुए उनकी वास्तविक कार्यक्षमता एवं वित्तीय क्षमता के आधार पर व्यावहारिक और उचित अधिकतम BG सीमा निर्धारित करने पर पुनर्विचार की मांग की है। 

 

FCI गोदामों की कमी का मुद्दा भी उठाया

 

सितारगंज, खटीमा और नानकमत्ता सेंटरों में CMR चावल की उतराई के लिए पर्याप्त गोदाम उपलब्ध नहीं होने की समस्या का भी पत्र में उल्लेख किया गया है। एसोसिएशन ने UCF के हल्दूचौड़ स्थित लगभग 40 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम को CWC के अधीन लेकर FCI को उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर तत्काल विचार करने का अनुरोध किया है। 

कस्टम मिलिंग चार्ज ₹80 प्रति क्विंटल करने की मांग

एसोसिएशन ने बताया कि लगभग 12 वर्षों से कस्टम मिलिंग चार्ज ₹10 प्रति क्विंटल निर्धारित है, जबकि इस अवधि में बिजली, श्रम, मशीनरी और रखरखाव समेत परिचालन लागत बढ़ी है। इसी को देखते हुए चार्ज बढ़ाकर ₹80 प्रति क्विंटल किए जाने पर विचार करने की मांग की गई है। 

FAQ मानकों के अनुरूप धान खरीदने की बात

एसोसिएशन ने आगामी धान खरीद सत्र में सरकार द्वारा निर्धारित FAQ मानकों के अनुरूप ही धान की सरकारी खरीद करने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करने की बात कही है। पत्र के अंत में एसोसिएशन ने सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है, ताकि राइस मिलर्स को आर्थिक राहत मिल सके और आगामी धान खरीद सत्र सुचारु रूप से संचालित हो सके।

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