उत्तराखण्ड ज़रा हटके रामनगर

मीट-मछली विक्रेताओं को खाद्य विभाग की दो टूक, गुणवत्ता से समझौता किया तो कोर्ट कार्रवाई और जुर्माना

ख़बर शेयर करें -

रामनगर – मीट और मछली विक्रेताओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रामनगर के सराय बाजार स्थित मीट एवं मछली मार्केट में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। टीम ने करीब दो दर्जन खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान के नेतृत्व में टीम ने प्रतिष्ठानों में खाद्य लाइसेंस, साफ-सफाई, भंडारण व्यवस्था और मीट-मछली की गुणवत्ता समेत विभिन्न बिंदुओं की जांच की। कारोबारियों को प्रतिष्ठान के अंदर फूड लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित करने, कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस कराने तथा डीप फ्रीजर की उचित व्यवस्था रखने और नियमित सफाई करने के निर्देश दिए गए।

यह भी पढ़ें 👉  मिठाई और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता जांचने बाजार में उतरी खाद्य विभाग की टीम, पांच दुकानों को 15 दिन की मोहलत

शीशे, स्टेनलेस स्टील के औजार और फ्लाई कैचर अनिवार्य

खाद्य विभाग ने दुकानदारों को मीट एवं मछली को सुरक्षित तरीके से रखने के लिए प्रतिष्ठानों में शीशे लगाने, स्टेनलेस स्टील के औजारों का इस्तेमाल करने, फ्लाई कैचर लगाने और डस्टबिन रखने के निर्देश दिए। डस्टबिन की नियमित सफाई तथा प्रतिष्ठान के बाहर भी स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया।

मछली विक्रेताओं को बाहर से आने वाली मछलियों के भंडारण के दौरान कोल्ड चेन बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही कितनी मात्रा में मछली और कहां से मंगाई जा रही है, इसका पूरा रिकॉर्ड रखने को कहा गया।

नगरपालिका को भी सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश

मीट एवं मछली मार्केट का संचालन नगरपालिका द्वारा किया जाता है। इस संबंध में खाद्य विभाग ने नगरपालिका के सफाई निरीक्षक सुदेश कुमार को बाजार में स्थायी सफाई कर्मचारी तैनात करने तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाजार में नियमित रूप से ब्लीचिंग और फिनाइल का छिड़काव कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

यह भी पढ़ें 👉  नशा तस्करों पर नैनीताल पुलिस का शिकंजा, मुखानी में 121.95 ग्राम स्मैक के साथ 24 वर्षीय युवक गिरफ्तार

लाइसेंस नहीं दिखाने वाले प्रतिष्ठान को एक सप्ताह की मोहलत

निरीक्षण के दौरान एक प्रतिष्ठान संचालक खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। विभाग ने उसे लाइसेंस प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। निर्धारित अवधि में लाइसेंस प्रस्तुत नहीं करने पर FSS Act 2006 की धारा 31(2) के तहत विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में मानसून फिर सक्रिय,इन पांच जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

वहीं निरीक्षण में पाई गई अन्य कमियों को दूर करने के लिए सभी प्रतिष्ठानों को दो सप्ताह का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि के बाद भी कमियां दूर नहीं होने पर FSS Act 2006 की धारा 55 के उल्लंघन में न्यायालयीन चालानी कार्रवाई के साथ दो लाख रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में गुणवत्ता विहीन मीट और मछली की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।