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विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर डीएम का फोकस, अधिकारियों को चेतावनी

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हल्द्वानी – जनपद में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के लिए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंगलवार को सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा अगले 15 दिनों में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने केंद्र व राज्य पोषित योजनाओं के साथ-साथ 20-सूत्री एवं 25-सूत्री कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागों को जिस उद्देश्य के लिए धनराशि आवंटित की गई है, उसका उपयोग उसी कार्य में किया जाए तथा प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं से वसूली की जाएगी।

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उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने तथा प्रत्येक कार्यस्थल पर साइट इंजीनियर की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही निविदा प्रक्रिया समय से पूरी कर निर्माण कार्यों को निर्धारित अवधि में पूर्ण करने पर भी जोर दिया।

बैठक में जिलाधिकारी ने कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग को किसानों को उपलब्ध कराए जाने वाले बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र और अन्य उपकरण गुणवत्तापूर्ण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं सिंचाई विभाग को नहरों और गूलों की समय से मरम्मत कर किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने को कहा।

मानसून को पौधारोपण के लिए उपयुक्त समय बताते हुए जिलाधिकारी ने वन, कृषि, उद्यान, सहकारिता, भेषज एवं विकास विभाग को लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत पौधारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान तीनों खंडों में कई कार्य शुरू न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और मुख्य विकास अधिकारी को सभी कार्यस्थलों का टीम गठित कर निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।

उरेडा विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि इस वर्ष मिलने वाली सोलर लाइटों को मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों, जंगल से सटे गांवों तथा शैडो एरिया में प्राथमिकता के आधार पर लगाया जाए।

बैठक के दौरान बेतालघाट में लोक निर्माण विभाग रामनगर खंड द्वारा करीब 90 लाख रुपये की लागत से निर्मित ट्रॉली के संचालन शुरू न होने और कार्य अधूरा रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए।

स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, विद्युत, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिन विभागों की प्रगति लक्ष्य से कम पाई गई, उन्हें विशेष अभियान चलाकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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20-सूत्री एवं 25-सूत्री कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डी श्रेणी में शामिल विभाग विशेष प्रयास कर ए श्रेणी में स्थान प्राप्त करें। लाभार्थी चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो तथा जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक में अद्यतन आंकड़ों, प्रगति रिपोर्ट और साक्ष्यों के साथ उपस्थित हों। उन्होंने दोहराया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, परियोजना निदेशक डीआरडीए शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।