देहरादून – भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखंड में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चल रहे स्पेशल रिवीजन (SR) यानी प्री-SIR अभियान में अब तक करीब 75 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूरा कर लिया गया है। घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि नाम, पता, उम्र और पारिवारिक विवरण से जुड़ी त्रुटियों को समय रहते सुधारा जा सके।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य स्तर पर प्रगति संतोषजनक है, हालांकि दो बड़े जिलों में रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी पाई गई है।
दो बड़े जिलों में कार्य तेज करने के निर्देश
निर्वाचन विभाग के अनुसार

- देहरादून में अब तक लगभग 57% मैपिंग पूरी हुई है
- ऊधमसिंह नगर में करीब 59% कार्य संपन्न हुआ है
दोनों जिलों में सत्यापन प्रक्रिया तेज करने के निर्देश जारी किए गए हैं और दैनिक मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि तय समयसीमा में लक्ष्य हासिल किया जा सके।
BLO ऐप से घर-घर सत्यापन, साथ में जागरूकता
अधिकारियों ने बताया कि सभी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) फील्ड में सक्रिय हैं। BLO ऐप के जरिए मतदाता मैपिंग के साथ-साथ लोगों को नाम जोड़ने, संशोधन कराने और डुप्लीकेट प्रविष्टियों से बचने संबंधी जानकारी भी दी जा रही है। अभियान का उद्देश्य केवल जांच ही नहीं, बल्कि मतदाताओं को जागरूक करना भी है।
1 से 15 फरवरी तक विशेष अभियान
निर्वाचन विभाग 1 से 15 फरवरी तक विशेष अभियान चलाएगा, जिसमें —
- महिला मतदाताओं पर विशेष फोकस रहेगा
- महिलाओं के मायके से जुड़े विवरण जुटाए जाएंगे
- ऐसे युवाओं की पहचान होगी जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं था, लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी सूची में दर्ज थे
BLO घर-घर जाकर पारिवारिक कड़ी को “एज ए प्रोजेनी” के रूप में मैप करेंगे, जिससे फर्जी और अपूर्ण प्रविष्टियों को चिन्हित किया जा सके।
बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति भी तेज
राज्य में बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति प्रक्रिया भी गति पकड़ रही है। अब तक विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 12,070 बीएलए नामित किए जा चुके हैं। विभाग को उम्मीद है कि अगले एक माह में सभी बूथों पर नियुक्ति पूरी हो जाएगी।
क्या है SR (प्री-SIR) और SIR
स्पेशल रिवीजन (SR) मतदाता सूची सुधार का प्रारंभिक चरण है, जिसमें —
- नाम की शुद्धता
- पते का सत्यापन
- आयु पात्रता
- पारिवारिक विवरण
की जांच की जाती है। यही डेटा आगे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का आधार बनता है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले SIR कराया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

