हल्द्वानी – बहुप्रतीक्षित जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना के तहत नहरों के निर्माण और पुनर्निर्माण कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। परियोजना के अंतर्गत गुरुवार को अपर जिलाधिकारी (राजस्व) शैलेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में अधिकारियों ने विभिन्न निर्माणाधीन नहरों का स्थलीय निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना गोला नदी पर, हल्द्वानी-काठगोदाम बैराज से लगभग 10 किलोमीटर अपस्ट्रीम में विकसित की जा रही है। इसके तहत सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए काठगोदाम बैराज से निकलने वाली गौलापार नहर, गौलावार मुख्य नहर और उससे जुड़ी फीडर नहरों का रिमॉडलिंग एवं रेनोवेशन कार्य तेजी से चल रहा है।
परियोजना के अंतर्गत कुल 40.82 किलोमीटर लंबाई की नहरों में से अब तक 17.38 किलोमीटर का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें गौलावार मुख्य नहर, गौलावार फीडर, हरिपुरा फीडर और पाहा फीडर नहरों का निर्माण और पुनर्निर्माण शामिल है।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने विशेष रूप से 15 किलोमीटर लंबी हरिपुरा फीडर नहर का जायजा लिया। उन्होंने रेगुलेटर, प्रोटेक्शन वर्क, फॉल और क्रॉस ड्रेनेज जैसे तकनीकी कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की। साथ ही वन्यजीव संरक्षण के लिए बनाए जा रहे एलिफेंट स्टेप्स और रेप्टाइल क्रॉसिंग जैसे प्रावधानों को भी परखा।
अपर जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की सराहना करते हुए कार्यों को संतोषजनक बताया। परियोजना इकाई के अनुसार, वन क्षेत्र में प्रभावित होने वाले पेड़ों के बदले वन विभाग द्वारा 10 गुना वृक्षारोपण किया जाएगा, वहीं नहरों के किनारे भी व्यापक स्तर पर पौधारोपण की योजना है।
हालांकि निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि नहर क्षेत्र में लगभग 1090 पेड़ों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। इन पेड़ों को हटाने की अनुमति फिलहाल शासन स्तर पर विचाराधीन है। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा ताकि कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सके।
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद उत्तराखंड के नैनीताल और उधमसिंह नगर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बरेली और रामपुर जिलों में करीब 57,065 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
निरीक्षण के दौरान परियोजना प्रबंधक मोहम्मद शाहनवाज, उपमहाप्रबंधक ललित कुमार, क्षेत्रीय अभियंता और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

