देहरादून – शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने के लिए जौनसार-बावर क्षेत्र के ग्रामीणों ने अहम फैसला लिया है। खत शिलगांव के पंचरा-भंजरा स्थित महासू देवता मंदिर में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि अब क्षेत्र में महंगे होटलों, पार्कों और रिसॉर्ट्स में विवाह समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विवाह समारोहों में महिलाओं द्वारा अत्यधिक गहने पहनने पर रोक रहेगी, ताकि सामाजिक दिखावे और आर्थिक दबाव को कम किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि शादी के नाम पर बढ़ते खर्च से मध्यम और गरीब परिवारों पर अनावश्यक बोझ पड़ता है, जिसे रोकना समय की जरूरत है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना सामाजिक नियमों की अवहेलना करने वालों पर सामूहिक निर्णय के तहत लागू किया जाएगा।

बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि यह फैसला सामाजिक समरसता, सादगी और आर्थिक संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। ग्रामीणों का मानना है कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार को दिखावे से मुक्त कर सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी अपील की कि समाज के सभी वर्ग इस निर्णय का सम्मान करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए सादगी, संस्कार और जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करें।

