देहरादून- उत्तराखंड की राजधानी में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। Uttarakhand Special Task Force ने एसएससी एमटीएस परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई स्पेशल टॉस्क फोर्स मेरठ इकाई के साथ संयुक्त ऑपरेशन में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार (देवरिया, उत्तर प्रदेश) और भास्कर नैथानी (देहरादून) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी संगठित तरीके से परीक्षा प्रणाली में सेंधमारी कर अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका ले रहे थे। जिसकी कीमत 10 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार तय थी। सूत्रों के मुताबिक, चार फरवरी से देहरादून में आयोजित Staff Selection Commission की एमटीएस परीक्षा के दौरान महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर मास्टर कंप्यूटर के जरिए हैकिंग की जा रही थी। जांच में सामने आया कि गिरोह ने लोकल नेटवर्किंग, प्रॉक्सी सर्वर सेटअप और रिमोट एक्सेस तकनीक का इस्तेमाल कर परीक्षा प्रणाली में हस्तक्षेप किया। यह पूरा ऑपरेशन बेहद सुनियोजित और तकनीकी रूप से उन्नत था। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी Eduquity द्वारा स्थापित सिस्टम को निशाना बनाकर नेटवर्क में सेंध लगाई गई।
बरामद हुआ हाईटेक सामान
गिरफ्तार आरोपियों के पास से

4 मोबाइल फोन
2 लैपटॉप
1 इंटरनेट राउटर
बरामद किए गए हैं।
इन उपकरणों के जरिए प्रॉक्सी सर्वर बनाकर रिमोट एक्सेस से नकल कराई जा रही थी। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित अभ्यर्थियों की पहचान की जा सके। एसटीएफ के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

