नैनीताल – सरकारी स्वरोजगारपरक योजनाएं स्थानीय युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ पहाड़ी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में भी मददगार साबित हो रही हैं। हल्द्वानी की कविता बिष्ट ऐरी ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार की राह पकड़ी और अब अपने उद्यम ‘शिवा इंटरप्राइजेज’ के माध्यम से स्थानीय कला एवं पहाड़ी उत्पादों को बाजार से जोड़ने का काम कर रही हैं।
कविता बिष्ट वर्तमान में रेशम पर ऐपण कला की पेंटिंग तैयार कर रही हैं। उनके बनाए उत्पादों की बिक्री स्थानीय बाजारों, विभिन्न मेलों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही वह नैनीताल जिले के दूर-दराज क्षेत्रों में संचालित स्वयं सहायता समूहों से घी, अचार, शहद, पहाड़ी नमक समेत अन्य स्थानीय उत्पाद खरीदकर उन्हें अपने ब्रांड ‘शिवा इंटरप्राइजेज’ के माध्यम से बाजार उपलब्ध करा रही हैं।
महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को भी मिला बाजार
कविता बिष्ट की पहल से स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बाजार तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। इससे समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर माध्यम मिल रहा है, वहीं कविता बिष्ट को भी स्वरोजगार के साथ आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।

उनका प्रयास स्थानीय उत्पादों को एक मंच पर लाकर उन्हें उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे पहाड़ी क्षेत्र के पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय कला को भी बाजार से जोड़ने में मदद मिल रही है।
7 लाख का ऋण, अब फूड प्रोसेसिंग यूनिट की तैयारी
कविता बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना एवं पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत उन्हें हाल ही में 7 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ है। इस धनराशि से वह फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने जा रही हैं। यूनिट की शुरुआत 20 अक्टूबर से प्रस्तावित है।
इस यूनिट में एक ही छत के नीचे बतासे, पहाड़ी उड़द की बड़ी, अचार, जैम समेत विभिन्न स्थानीय खाद्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यवस्थित तरीके से तैयार कर बाजार तक पहुंचाने की दिशा में उनके कारोबार को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
दीपावली को लेकर विशेष तैयारी
आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए कविता बिष्ट ने अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है। उनका लक्ष्य स्थानीय स्तर पर तैयार खाद्य उत्पादों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के साथ पहाड़ी उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।
कविता बिष्ट का कहना है कि सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि इन योजनाओं से स्थानीय महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सहयोग मिल रहा है।
उनकी पहल स्वरोजगार के साथ-साथ स्थानीय कला, पहाड़ी उत्पादों और महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने की दिशा में एक प्रयास के रूप में सामने आई है।

