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बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, जिला कारागार में सात दिवसीय मोमबत्ती प्रशिक्षण का शुभारंभ

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हल्द्वानी – जिला कारागार में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से सात दिवसीय मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में किया जा रहा है।

सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पारुल थपलियाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बहु-उद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग हल्द्वानी तथा सुनिधि विकास संस्था हल्द्वानी का सहयोग लिया जा रहा है।

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रिहाई के बाद रोजगार से जुड़ने में मिलेगी मदद

प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को मोमबत्ती निर्माण का हुनर सिखाकर उन्हें भविष्य में सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के माध्यम से बंदियों को ऐसा कौशल प्रदान किया जा रहा है, जिसका उपयोग वे रिहाई के बाद स्वरोजगार अथवा रोजगार के रूप में कर सकें।

आयोजकों ने कहा कि जेल में इस तरह की रचनात्मक एवं कौशल आधारित गतिविधियां बंदियों को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे उनका तनाव कम होने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित होती है।

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कार्यक्रम के पहले दिन प्रशिक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई और प्रतिभागियों को मोमबत्ती निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

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इस अवसर पर जिला कारागार अधीक्षक संजीव ह्यांकी, सुनिधि विकास संस्था हल्द्वानी की संस्थापक उमा भंडारी, प्रशिक्षक हेमा डगवाल, बहु-उद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग हल्द्वानी के एग्जीक्यूटिव गौरव जौहरी, यशवंत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।