हल्द्वानी – आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने मंडल के सभी एसएसपी और एसपी के साथ अपराध समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में आईजी ने विशेष रूप से एक वर्ष से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित विवेचनाओं के कारण मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करें और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करें।
महिला अपराधों पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश
आईजी ने सभी जिलों की पुलिस को महिला अपराधों को गंभीरता से लेते हुए मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए पुलिस संवेदनशीलता के साथ काम करे।

साइबर अपराध में रिकवरी पर विशेष जोर
कुमाऊं मंडल में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर भी आईजी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में केवल मुकदमा दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ठगी की रकम की रिकवरी पर विशेष ध्यान दिया जाए। साइबर सेल और संबंधित पुलिस टीमों को तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए पीड़ितों को राहत दिलाने के निर्देश दिए गए।
पुरानी चोरियों का जल्द हो खुलासा
आईजी ने पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लंबित चोरी के मामलों में विशेष टीमें गठित कर तेजी से खुलासा करने और चोरी का माल बरामद करने के निर्देश दिए।
नशे के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई पर जोर
मंडल में बढ़ते नशे के कारोबार को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने सभी जिलों की पुलिस को आपसी समन्वय बनाकर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए तस्करों और उनके पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी है।
आईजी ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 382 मुकदमे दर्ज कर 519 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 12 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
आईजी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस की सक्रियता लगातार बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

