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शिवरात्रि पर चार बड़े योगों का महासंयोग, हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय

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हल्द्वानी/देहरादून – श्रावण शिवरात्रि इस बार कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाई जा रही है। मंगलवार को पर्व के अवसर पर सुबह से ही उत्तराखंड के पहाड़ से लेकर मैदान तक शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, भांग, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष श्रावण शिवरात्रि पर गजकेसरी योग, गुरु आदित्य योग, बुध आदित्य योग और पंचग्रही योग का विशेष संयोग बन रहा है। इसके साथ मंगलवार, पुनर्वसु व पुष्य नक्षत्र, सिद्धि योग तथा कर्क राशि में चंद्रमा की स्थिति भी पर्व के महत्व को बढ़ा रही है। जानकारों के अनुसार करीब 135 वर्षों बाद ऐसे दुर्लभ संयोगों के बीच श्रावण शिवरात्रि का पर्व पड़ रहा है।

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ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के साथ मंगल, बृहस्पति, शनि और चंद्रमा का विशेष प्रभाव रहेगा। मंगलवार को भगवान शिव के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वहीं पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि और कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। बृहस्पति की चंद्रमा के साथ शुभ स्थिति को भी इस संयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

दोपहर 3:25 बजे तक भद्रा का प्रभाव

इस बार शिवरात्रि पर कर्क राशि की भद्रा रहने की भी बात कही गई है। चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को सुबह 4:55 बजे शुरू हुई और इसी के साथ भद्रा भी प्रारंभ हुई, जो दोपहर 3:25 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है। विद्वानों के अनुसार मृत्यु लोक की भद्रा में शुभ कार्य और जलाभिषेक करना शास्त्रसम्मत नहीं माना जाता। ऐसे में श्रद्धालुओं को भद्रा समाप्त होने के बाद जलाभिषेक करना अधिक शुभ बताया गया है।

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जलाभिषेक और बेलपत्र का विशेष महत्व

आचार्य राकेश शुक्ला ने बताया कि श्रावण शिवरात्रि पर भगवान शिव का जल से अभिषेक करने का विशेष महत्व है। श्रद्धालु भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा समेत उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना का पर्व पर विशेष महत्व माना जाता है।

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श्रावण शिवरात्रि के चलते प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक का दौर जारी रहा। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन और पुलिस की ओर से विशेष इंतजाम किए गए।