उत्तराखण्ड ज़रा हटके नैनीताल

आपदा से निपटने की तैयारी तेज: 6 अलग-अलग घटनाओं पर हुआ पूर्वाभ्यास….

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नैनीताल \हल्द्वानी – से आपदा प्रबंधन को लेकर बड़ी और अहम खबर सामने आई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर जनपद की विभिन्न तहसीलों—नैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी, कैंचीधाम और खनस्यू में व्यापक स्तर पर मॉकड्रिल आयोजित की गई।

सुबह 10:30 बजे जिला आपदा परिचालन केंद्र में अलग-अलग आपदा घटनाओं की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। भूस्खलन, बाढ़, नाव पलटना, भगदड़, बाघ का हमला और बस दुर्घटना जैसी काल्पनिक घटनाओं पर राहत एवं बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया और आईआरएस प्रणाली को सक्रिय किया गया।

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मॉकड्रिल के दौरान नैनी झील स्थित बोट हाउस क्लब में नाव पलटने की घटना में 5 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें से एक को अस्पताल रेफर किया गया। वहीं कालाढूंगी में बाघ के हमले की सूचना पर वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर घायल व्यक्ति को रेस्क्यू किया और बाघ को ट्रेंकुलाइज किया गया।

चार्टन लॉज क्षेत्र में भूस्खलन की घटना में दबे लोगों को सुरक्षित निकालकर उपचार दिया गया, जबकि कैंची धाम मंदिर परिसर में भगदड़ की स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर 20 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

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ओखलकांडा-करायल मार्ग पर बस खाई में गिरने की घटना में 35 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें गंभीर घायलों को अस्पताल भेजा गया। वहीं हल्द्वानी के कल्सिया नाला क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ में फंसे लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार दिया गया।

इस व्यापक पूर्वाभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों ने मिलकर त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया। प्रशासन ने इस मॉकड्रिल के जरिए आपदा के समय बेहतर समन्वय और तत्परता सुनिश्चित करने का संदेश दिया।

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अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने सभी घटनाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निगरानी करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कुल मिलाकर, यह मॉकड्रिल आपदा से निपटने की तैयारी को मजबूत करने और जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हुई।